Gurugram नगर निगम में बड़ा खेल : 350 सफाई कर्मचारी ‘ग़ायब’, फिर भी सीधे खाते में पहुंच रही सैलरी

पोर्टल पर कर्मचारियों की हाजिरी की जांच में यह गंभीर विसंगति सामने आई है। निगम द्वारा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह को सौंपी गई सूची में भी 4,904 कर्मचारियों का उल्लेख था

Gurugram : नगर निगम गुरुग्राम (MCG) की स्वच्छता शाखा में एक बड़ा वित्तीय और प्रशासनिक घोटाला सामने आया है। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 4,904 सफाई कर्मचारियों को मासिक वेतन दिया जा रहा है, लेकिन जब वार्ड-स्तर पर इनकी तैनाती की जांच की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 361 सफाई कर्मचारी ‘लापता’ हैं।

इन कर्मचारियों की तैनाती का कोई रिकॉर्ड निगम के पास मौजूद नहीं है। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि इन कर्मचारियों का वेतन तो नियमित रूप से जारी हो रहा है, लेकिन वे शहर की सफाई में तैनात नहीं हैं।

पोर्टल पर कर्मचारियों की हाजिरी की जांच में यह गंभीर विसंगति सामने आई है। निगम द्वारा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह को सौंपी गई सूची में भी 4,904 कर्मचारियों का उल्लेख था, जबकि वार्डों में तैनात कर्मचारियों की संख्या केवल 4,543 पाई गई, जिससे 361 कर्मचारियों की कमी साफ दिखती है।

इन 361 कर्मचारियों में से 120 से अधिक सफाई कर्मचारी जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और निगम अधिकारियों के घरों पर निजी काम में लगे हुए हैं, जबकि वेतन उन्हें निगम के खजाने से मिल रहा है।

50 से अधिक कर्मचारी कथित तौर पर जिले से बाहर हैं, लेकिन वे भी वेतन ले रहे हैं।

लापता कर्मचारियों के बावजूद, निगम हर महीने सड़क की सफाई पर ₹4.5 करोड़ खर्च कर रहा है। इसके बावजूद, शहर में जगह-जगह धूल और गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिससे खासकर खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के दिनों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरडब्ल्यूए और पार्षदों का आरोप है कि जो कर्मचारी तैनात भी हैं, वे निर्धारित वार्डों/सेक्टरों में नहीं पहुँच रहे हैं। सेक्टर-57 की आरडब्ल्यूए ने तो इसकी जांच के लिए विजिलेंस में शिकायत भी दर्ज कराई है।

वार्ड 11 के पार्षद कुलदीप यादव ने निगम के डेटा को भ्रामक बताते हुए कहा कि उनके वार्ड में 100 कर्मचारी भी नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि सही जांच की जाए, तो लापता कर्मचारियों की वास्तविक संख्या 700 से 800 तक पहुँच सकती है।

सदन की बैठक में विधायक सहित निगम पार्षदों ने इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच की मांग उठाई थी।

पार्षद आरती राव ने सफाई कर्मचारियों वाली एजेंसियों के टेंडर को रद्द करने की मांग की।

पार्षद धर्मबीर ने भी विजिलेंस जांच की मांग दोहराई, जिस पर अब तक निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

सदन की बैठक में पार्षदों ने मांग की थी कि सफाई कर्मचारियों की हाजिरी वार्ड कमेटी बनाकर पार्षदों के पर्यवेक्षण और हस्ताक्षर के तहत दर्ज की जाए। हालांकि, निगम आयुक्त ने कर्मचारी यूनियनों की आपत्तियों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को टाल दिया और केवल दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड पार्षदों के साथ साझा करने का सुझाव दिया।

पार्षद कुलदीप यादव ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों की भी जांच की मांग की है, जो कथित तौर पर बिना निगरानी के केवल 1-2 घंटे ही काम करते हैं।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि नगर निगम के 350 कर्मचारी कहां पर है,इसकी जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।


वार्ड-वार सफाई कर्मचारियों की सूची:

वार्ड संख्याकर्मचारियों की संख्यावार्ड संख्याकर्मचारियों की संख्या
11731975
28620137
311521182
411422129
59023292
69424133
77725153
811726109
914327329
101082874
1112429130
121713068
131193177
1415132124
151613371
161043473
171153566
181773682

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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